28 अगस्त-२०१५
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-मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया
-पत्नी की याद में ताज बनाने वाले की सपा करेगी मदद
लखनऊ : विरोधियों की चाल पर 'बुद्धिदांवÓ के इस्तेमाल की चुनौती, विकास का रथ बढ़ाने की कठिन डगर पार करने में जुटे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने मोहब्बत का जिक्र छिड़ा तो वह भी उसमें शरीक हो गए। कहा कि 'हर इंसान को पत्नी को ज्यादा प्यार करना चाहिये।Ó फिर कहा पत्नी की याद में बुलंदशहर में 'ताजÓ बनवा रहे फैजुल कादरी की तमन्ना पूरी करने में समाजवादी पार्टी से उनकी मदद करायी जायेगी।
खेल, साहित्य, विज्ञान के क्षेत्र के प्रतिभाशाली शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर जुटे थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इसमें शरीक थे। उन्होंने सरकारी सेवा से सेवानिवृत 79 वर्षीय फैजुल कादरी का पत्नी के प्रति समर्पण व मोहब्बत जज्बा सुना और समझा भी...इस रूमानी गुफ्तगू को बढ़ाया फैजाबाद के सात साल के कवि मृगेंद्र राज पांडेय ने जिन्होंने डिंपल यादव की तारीफ लिखा कविता सुनी, जिसके बोल कुछ यूं थे- 'लक्ष्मी-सरस्वती का मिश्रण, डिंपल जैसी साथी है। इस महिला को देखकर, चौड़ी होती छाती है।Ó ऐसे माहौल में बोलने खड़े हुए मुख्यमंत्री ने विकास की योजनाएं गिनाने के साथ ही यह भी कहा कि 'हर किसी को पत्नी से ज्यादा प्यार करना चाहिये।Ó
हमारे बीच हैं रीयल हीरो
अखिलेश ने कहा कि हमारे ताज की शान निराली है। इससे हजारों की रोजी-रोटी चल रही है। फैजुल के ताज को बढ़ाने का प्रयास होगा। कहा कि लोग बाहर से बड़े हीरो तलाशते हैं, जबकि हमारे बीच में न जाने कितने हीरो हैं। जरुरत उन्हें पहचानने की है।
हादसों में मदद करने वालों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने सड़क हादसे में घायल के मददगार सिपाही कीर्ति प्रकाश ओझा, रजनीश राठौर, हेम बाबू निगम और उदय कुमार साहू को 11-11 हजार रुपए नकद और प्रशस्ति पत्र दिया। उन्होंने कहा कि घायलों की सहायता कर मिसाल पेश की है।
तरीका तलाशने को कमेटी बनी
सड़क हादसों को रोकने पर विचार होना चाहिये। सरकार ने इसके लिये एक कमेटी गठित की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि होली के दिन नेताजी (मुलायम सिंह) कहीं से लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें ट्रक के नीचे एक आदमी फंसा दिखा और सड़क पर उसकी पत्नी रोती दिखी। नेताजी ने उससे पूछा कि कहां इलाज कराना चाहती हो? केजीएमयू के नाम लेते ही उन्होंने अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल भेजा। जिससे उसकी जान बच गयी। उन्होंने लोगों का आह्वïान किया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बिलकुल नहीं हिचकें।
ये भी हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने हवा से चलने वाला इंजन तैयार करने वाले बागपत निवासी हामिद सैफी, स्पीडब्रेकर से बिजली बनाने वाले सुल्तानपुर निवासी आनंद पांडेय, ड्राइवर के बिना मेट्रो चलाने के लिए हसन रजा खान, फायर और थेफ्ट सेफ्टी अलार्म के लिए वंश चतुर्वेदी व कवि मृगेंद्र को भी सम्मानित किया। उन्होंने मृगेन्द्र की किताब का भी विमोचन किया।
ब्लैक बेल्ट की मानद उपाधि
इंटरनेशनल कुंग-फू के उपाध्यक्ष जे पी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को ब्लैक बेल्ट की मानद उपाधि दी। इस मौके पर प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल ने उन्हें एक तलवार भेंट की।
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इंसेट
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सेवानिवृत पोस्टमास्टर हैं फैजुल
राब्यू, लखनऊ: बुलंदशहर के कसेर निवासी व सेवानिवृत पोस्टमास्टर फैजुल कादरी बताते हैं कि दिसंबर 2011 में मौत से पहले पत्नी तज्जमुल बेगम ने उनसे कहा था कि 'मौत के बाद उन्हें कोई याद करने वाला नहीं होगा।Ó एक ऐसी इमारत बनवाई जाए, जिसके जरिये लोग उन्हें याद रखें। उन्होंने पत्नी से मिनी ताज बनवाने का वादा किया था। फरवरी 2012 में उनकी मौत के बाद उन्होंने मोहब्बत को यादगार बनाने के लिये ताज बनाने का कार्य शुरू किया था। इसकी जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की डीएम बी.चन्द्रकला के जरिये फैजुल को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया।
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-मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिभाशाली लोगों को सम्मानित किया
-पत्नी की याद में ताज बनाने वाले की सपा करेगी मदद
लखनऊ : विरोधियों की चाल पर 'बुद्धिदांवÓ के इस्तेमाल की चुनौती, विकास का रथ बढ़ाने की कठिन डगर पार करने में जुटे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के सामने मोहब्बत का जिक्र छिड़ा तो वह भी उसमें शरीक हो गए। कहा कि 'हर इंसान को पत्नी को ज्यादा प्यार करना चाहिये।Ó फिर कहा पत्नी की याद में बुलंदशहर में 'ताजÓ बनवा रहे फैजुल कादरी की तमन्ना पूरी करने में समाजवादी पार्टी से उनकी मदद करायी जायेगी।
खेल, साहित्य, विज्ञान के क्षेत्र के प्रतिभाशाली शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर जुटे थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इसमें शरीक थे। उन्होंने सरकारी सेवा से सेवानिवृत 79 वर्षीय फैजुल कादरी का पत्नी के प्रति समर्पण व मोहब्बत जज्बा सुना और समझा भी...इस रूमानी गुफ्तगू को बढ़ाया फैजाबाद के सात साल के कवि मृगेंद्र राज पांडेय ने जिन्होंने डिंपल यादव की तारीफ लिखा कविता सुनी, जिसके बोल कुछ यूं थे- 'लक्ष्मी-सरस्वती का मिश्रण, डिंपल जैसी साथी है। इस महिला को देखकर, चौड़ी होती छाती है।Ó ऐसे माहौल में बोलने खड़े हुए मुख्यमंत्री ने विकास की योजनाएं गिनाने के साथ ही यह भी कहा कि 'हर किसी को पत्नी से ज्यादा प्यार करना चाहिये।Ó
हमारे बीच हैं रीयल हीरो
अखिलेश ने कहा कि हमारे ताज की शान निराली है। इससे हजारों की रोजी-रोटी चल रही है। फैजुल के ताज को बढ़ाने का प्रयास होगा। कहा कि लोग बाहर से बड़े हीरो तलाशते हैं, जबकि हमारे बीच में न जाने कितने हीरो हैं। जरुरत उन्हें पहचानने की है।
हादसों में मदद करने वालों का सम्मान
मुख्यमंत्री ने सड़क हादसे में घायल के मददगार सिपाही कीर्ति प्रकाश ओझा, रजनीश राठौर, हेम बाबू निगम और उदय कुमार साहू को 11-11 हजार रुपए नकद और प्रशस्ति पत्र दिया। उन्होंने कहा कि घायलों की सहायता कर मिसाल पेश की है।
तरीका तलाशने को कमेटी बनी
सड़क हादसों को रोकने पर विचार होना चाहिये। सरकार ने इसके लिये एक कमेटी गठित की है। मुख्यमंत्री ने बताया कि होली के दिन नेताजी (मुलायम सिंह) कहीं से लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें ट्रक के नीचे एक आदमी फंसा दिखा और सड़क पर उसकी पत्नी रोती दिखी। नेताजी ने उससे पूछा कि कहां इलाज कराना चाहती हो? केजीएमयू के नाम लेते ही उन्होंने अपनी गाड़ी से उसे अस्पताल भेजा। जिससे उसकी जान बच गयी। उन्होंने लोगों का आह्वïान किया कि घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बिलकुल नहीं हिचकें।
ये भी हुए सम्मानित
मुख्यमंत्री ने हवा से चलने वाला इंजन तैयार करने वाले बागपत निवासी हामिद सैफी, स्पीडब्रेकर से बिजली बनाने वाले सुल्तानपुर निवासी आनंद पांडेय, ड्राइवर के बिना मेट्रो चलाने के लिए हसन रजा खान, फायर और थेफ्ट सेफ्टी अलार्म के लिए वंश चतुर्वेदी व कवि मृगेंद्र को भी सम्मानित किया। उन्होंने मृगेन्द्र की किताब का भी विमोचन किया।
ब्लैक बेल्ट की मानद उपाधि
इंटरनेशनल कुंग-फू के उपाध्यक्ष जे पी त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को ब्लैक बेल्ट की मानद उपाधि दी। इस मौके पर प्रमुख सचिव सूचना नवनीत सहगल ने उन्हें एक तलवार भेंट की।
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इंसेट
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सेवानिवृत पोस्टमास्टर हैं फैजुल
राब्यू, लखनऊ: बुलंदशहर के कसेर निवासी व सेवानिवृत पोस्टमास्टर फैजुल कादरी बताते हैं कि दिसंबर 2011 में मौत से पहले पत्नी तज्जमुल बेगम ने उनसे कहा था कि 'मौत के बाद उन्हें कोई याद करने वाला नहीं होगा।Ó एक ऐसी इमारत बनवाई जाए, जिसके जरिये लोग उन्हें याद रखें। उन्होंने पत्नी से मिनी ताज बनवाने का वादा किया था। फरवरी 2012 में उनकी मौत के बाद उन्होंने मोहब्बत को यादगार बनाने के लिये ताज बनाने का कार्य शुरू किया था। इसकी जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री ने बुलंदशहर की डीएम बी.चन्द्रकला के जरिये फैजुल को लखनऊ बुलाकर सम्मानित किया।
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