Thursday, 10 September 2015

समाजवादी चिंतन की टूटी एक और कड़ी



-बौद्ध दर्शन के प्रकांड विद्वान प्रो.कृष्णनाथ शर्मा का तिरोधान
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 : प्रख्यात समाजवादी  चिंतक, बौद्ध दर्शन के प्रकांड विद्वान, लेखक व अर्थशास्त्री 81 वर्षीय प्रो. कृष्ण नाथ का निधन बेंगलुरु स्थित जे. कृष्ण फाउंडेशन परिसर में निधन हो गया। उनके निधन पर बुद्धिजीवियों व बौद्ध जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
प्रो. कृष्ण नाथ का जन्म एक मई 1934 को काशी में हुआ था। डॉ. आचार्य नरेन्द्रदेव की प्रेरणा से वह 1950 से ही समाजवादी आंदोलन में सम्मिलित हो गए। डा. राममनोहर लोहिया के सक्रिय सहयोगियों में प्रो. कृष्ण नाथ एक रहे। आंदोलनों व सत्याग्रह के दौरान लगभग 13 बार जेल की यात्राएं करनी पड़ी। प्रो. कृष्ण नाथ ने कॅरियर की शुरुआत वर्ष 1961 में काशी विद्यापीठ के अर्थशास्त्र विभाग से की और वर्ष 1994 में विभागाध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने 1992 में उन्हें डा. लोहिया पुरस्कार से सम्मानित किया था। बौद्ध दर्शन के योगदान को देखते हुए गत माह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें सम्मानित किया। प्रो. कृष्ण नाथ का अंतिम संस्कार सात सितंबर को बेंगलुरु में होगा।

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