Friday, 11 September 2015

...तो खाली रहेंगी परिषद की एक तिहाई सीट

31 अगस्त-2015

 लखनऊ: पंचायत चुनावों के चलते राज्य में पहली बार विधान परिषद की एक तिहाई सीटें कुछ समय रिक्त रहने के आसार हैं। दरअसल, स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के 35 सदस्यों का जनवरी-2016 में कार्यकाल खत्म होगा, इस पद के नये चुनाव के मतदाताओं यानी प्रधान, बीडीसी व जिला पंचायत सदस्य के निर्वाचन की प्रक्रिया संभवत: पूरी नहीं हो पायेगी।
 सौ सदस्यों वाली राज्य विधान परिषद में एक तिहाई सदस्य (एमएलसी) स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के निर्धारित हैं। प्राधिकारी क्षेत्र की सीटों के चुनाव में प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि वोटर होते हैं। इत्तिफाक से कोटे की 35 सीटें 16 जनवरी 2016 को रिक्त हो जाएंगी।  चुनाव आयोग के नियम कहते हैं कि सीटों के रिक्त होने के 50 दिन पहले चुनावी प्रक्रिया शुरू होनी चाहिये। इस लिहाज से नवंबर के दूसरे हफ्ते में ही प्राधिकारी क्षेत्र की सीटों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होनी चाहिए। मगर इस बार उस समय राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव हो रहे होंगे, ऐसे में चुनाव आयोग के पास दो विकल्प होंगे। एक,पुराने सदस्यों को वोटर मानकर चुनाव कराये। दूसरा, पंचायत चुनाव का परिणाम आने का वह इंतजार करे।
विशेषज्ञों का कहना है कि फिर से चुनावी मैदान में कूद चुके पुराने प्रतिनिधियों को मतदाता मानकर चुनाव कराना किसी भी स्थिति में नैतिक नहीं होगा। नये वोटरों के जरिये एमएलसी चुनाव का विकल्प ज्यादा बेहतर होगा। दूसरा विकल्प चुने जाने पर विधान परिषद में स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र की एक तिहाई सीटें कुछ अरसे तक खाली रह सकती हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसा पहली बार होगा जब राज्य में पंचायत चुनाव के चलते एमएलसी (स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र) के चुनाव टल सकते हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अरूण सिंहल का कहना है पूरी परिस्थितियों पर विचार किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग को हालात की जानकारी दी गयी है। आयोग के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई की जायेगी।
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कब-किसका कार्यकाल खत्म होगा
-क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी): 17 मार्च 2016
-ग्राम प्रधान:                    7 नवम्बर 2015
-जिला पंचायत सदस्य:         13 जनवरी 2016
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 एमएलसी सीटों का कार्यकाल
विधान परिषद (स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र)की 35 सीटें 16 जनवरी 2016 को रिक्त होंगी। इन सीटों के चुनाव में प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत व निकाय के निर्वाचित पदाधिकारी वोट डालते हैं।
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विधान परिषद में दलीय स्थित
बसपा: 46, सपा: 29, भाजपा: सात, कांग्रेस: दो, शिक्षक दल: पांच, निर्दल समूह: चार, रालोद: एक, रिक्त सीटें: छह

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