नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के निर्णायक विधान सभा चुनाव से पहले मायावती पर सीबीआई के दो नए केस दर्ज़ हो सकते हैं। ये केस नॉएडा के दलित प्रेरणा स्थल पार्क और नॉएडा में एक नए लैंड स्कैम से जुड़े हैं। सूत्रों के मुताबिक केस दर्ज़ करने की फाइल सीबीआई की जॉइंट डायरेक्टर नीना सिंह के पास है जिस पर अंतिम फैसला मोदी सरकार को लेना होगा।
दो नए मामलों में मायावती कि खिलाफ मिले हैं साक्ष्य
सूत्रों के मुताबिक नॉएडा के गिरफ्तार चीफ इंजीनियर यादव सिंह के घर और दफ्तर में छापों के दौरान सीबीआई को कुछ अहम दतावेज़ मिले थे। ये दस्तावेज़ पैसों के कुछ संदेहास्पद हस्तांतरण को लेकर थे। इन दस्तावेज़ों की जब जांच की गयी तो मामला 650 करोड़ की लागत वाले नॉएडा के प्रेरणा स्थल पार्क का निकला। ऐसी ही एक और फाइल की जांच से नॉएडा के एक और लैंड स्कैम का खुलासा हुआ। सूत्रों के मुताबिक इन दोनों मामलों में मायावती और उनके भाई की भूमिका उजागर हुई है।
अमित शाह सीबीआई कि ज़रिये घेरना चाहते हैं मायवती को
ऐसा बताया जाता है कि मायावती के खिलाफ मिले नए सबूतों को लेकर मुकदमा दर्ज़ कराने का अब दबाव सीबीआई के डायरेक्टर अनिल सिन्हा पर है। दरअसल बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह चाहतें है कि जब तक मायावती के सर पर जेल जाने की तलवार नही लटकेगी तब तक वो यूपी में गठबंधन करने के लिए तैयार नही होंगी। बीजेपी इन मुकदमों का राजनीतिक लाभ उठाकर मायवती को यूपी में गठबंधन के लिए मज़बूर कर सकती है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि मोदी सरकार की गिरती साख के कारण यूपी बीजेपी के हाथ से निकलता दिख रहा है। अग़र मायवती के साथ गठबंधन हो जाए तो बीजेपी यूपी में सत्ता में लौटकर केंद्र सरकार की साख भी कुछ हद तक बचा सकती है।
बीजेपी को अब यूपी में गठबंधन की ज़रुरत
बहरहाल प्रेरणा स्थल पार्क और नॉएडा लैंड स्कैम में मुकदमा दर्ज़ करने में एक रोड़ा खुद सीबीआई के अफसर है। एक तरफ जॉइंट डायरेक्टर नीना सिंह और अनिल सिन्हा इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ करना चाहते हैं लेकिन डीआईजी एन एम सिंह और एसपी अशोक बाबू का मानना है की मायवती के खिलाफ सीधे और पुख्ता साक्ष्य नही है। सूत्रों के मुताबिक मायावती को सीधे न नामजद करके सीबीआई अब केंद्र के कुछ अज्ञात अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज़ कराना चाहते है। ऐसा बताया जाता है की प्रेरणा स्थल पार्क को क्लियरेंस देने में केंद्रे सरकार के कुछ अफसरों का रोल था। इसके अलावा सीबीआई नए तथ्यों के आधार पर यूपी सरकार को भी जांच करने के लिख सकती है।
शाह और सिन्हा कि बीच रिश्तों का किया अधिकारी ने खंडन
दूसरी तरफ सीबीआई के एक अधिकारी ने इंडिया संवाद को बताया कि मायावती पर NRHM केस में तो पूछताछ हुई है पर यादव सिंह घोटाले में अब तक कोई करवाई नही हुई है। इस अधिकारी ने कहा कि यादव सिंह मामले की जांच में तत्कालीन सरकार के खिलाफ कुछ तथ्य ज़रूर मिले थे लेकिन मायावती पर मुकदमा दर्ज़ करने की बात सामने नही आई है। इस अधिकारी ने अमित शाह और सीबीआई के डायरेक्टर अनिल सिन्हा के बीच किसी रिश्ते का भी खंडन किया है। ( )
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